मैंने जो कुछ सीखा है मित्रों से सीखा है।
जो कुछ जाना है अपनों से जाना है।।
जो कुछ कमाया है दुनिया से कमाया है।
जो कुछ पहचाना है अनुभव से पहचाना है।।
जो कुछ अच्छाई है मुझमें वो सद्गुरु के कारण है।
जो कुछ कमी है वो मेरे आलस्य के कारण है।
आपकी और मेरी मित्रता बनी रहे
हम एक दूसरे के काम आये।
इसी भावना के साथ आपका अपना मित्र
-सम्पत शर्मा मो. 08058924535

No comments:
Post a Comment